-
 |
मैं हिंदी के जरिए प्रांतीय
भाषाओं को दबाना नहीं चाहता किंतु उनके साथ हिंदी को भी मिला देना
चाहता हूं ।
भारत में स्वतंत्रता के बाद संसदीय लोकतंत्र
लगातार मजबूत हुआ है। भारतीय लोकतंत्र विश्व का सबसे बड़ा
लोकतंत्र है जहां अनेक जातियों धर्मों और भाषाओं के बावजूद सबको बराबरी का हक मिला है। जहां
स्त्री पुरुषों के बीच कोई असमानता नहीं है बल्कि भारत में महिलाएं जीवन
के सभी क्षेत्रों में शीर्ष पर पहुंची हैं और हर क्षेत्र में वे अपनी क्षमता का
प्रदर्शन करने में सफल रही हैं।
|
-
 |
महादेवी वर्मा का विचार है कि
अंधकार से सूर्य नहीं दीपक जूझता है-
रात के इस सघन अंधेरे में जूझता सूर्य नहीं जूझता रहा दीपक!
कौन सी रश्मि कब हुई कम्पित कौन आँधी वहाँ पहुँच पायी
कौन ठहरा सका उसे पल भर कौन सी फूँक कब बुझा पायी।। |
-
 |
निज भाषा उन्नति
अहै, सब उन्नति के मूल
बिन निज भाषा
ज्ञान के, मिटत न हिय को शूल । |
-
 |
प्रेमचन्द उर्दू का संस्कार लेकर हिन्दी में आए थे और हिन्दी के
महान लेखक बने। हिन्दी को अपना खास मुहावरा ऑर खुलापन दिया। कहानी
और उपन्यास दोनो में युगान्तरकारी परिवर्तन पैदा किए। उन्होने
साहित्य में सामयिकता प्रबल आग्रह स्थापित किया। प्रेमचंद से पहले
हिंदी साहित्य राजा-रानी के किस्सों,
रहस्य-रोमांच में उलझा हुआ था। प्रेमचंद ने साहित्य को सच्चाई के
धरातल पर उतारा।
|
-
 |
द्विवेदी जी सरल और सुबोध भाषा लिखने के पक्षपाती थे। उन्होंने
स्वयं सरल और प्रचलित भाषा को अपनाया। उनकी भाषा में न तो संस्कृत
के तत्सम शब्दों की अधिकता है और न उर्दू-फारसी के अप्रचलित शब्दों
की भरमार है वे गृह के स्थान पर घर और उच्च के स्थान पर ऊँचा लिखना
अधिक पसंद करते थे। द्विवेदी जी ने अपनी भाषा में उर्दू और फारसी
के शब्दों का निस्संकोच प्रयोग किया,
किंतु इस प्रयोग में उन्होंने केवल प्रचलित शब्दों को ही अपनाया। |
|
|
मनन-मंथन
|
- यदि जीवन में सफलता पाना चाहते हैं तो धैर्य को करीबी मित्र, अनुभव को बुद्धिमान परामर्शदाता और सावधानी को अपना बड़ा भाई बना लो.
- खुश रहने का अर्थ यह नहीं है कि सब कुछ सुखद और सही है, इसका मतलब है कि आपने अपूर्णता को नजरअंदाज करना सीख लिया है.
|
|
|
राजभाषा नीति का क्रमिक विकास
Evolution of Official Language Policy
|
महत्वपूर्ण सूचनाएं Important Information
|
अधीनस्थ कार्यालय Subordinate Offices
नया क्या है ? What's New ?
.gif)
|
|